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शुक्रवार, 5 जून 2026

आशा कम विश्वास बहुत है

 जाने क्यों तुमसे मिलने की आशा कम, विश्वास बहुत है।


सहसा भूली याद तुम्हारी उर में आग लगा जाती है

विरह-ताप भी मधुर मिलन के सोये मेघ जगा जाती है,

मुझको आग और पानी में रहने का अभ्यास बहुत है

जाने क्यों तुमसे मिलने की आशा कम, विश्वास बहुत है।


धन्य-धन्य मेरी लघुता को, जिसने तुम्हें महान बनाया,

धन्य तुम्हारी स्नेह-कृपणता, जिसने मुझे उदार बनाया,

मेरी अन्धभक्ति को केवल इतना मन्द प्रकाश बहुत है

जाने क्यों तुमसे मिलने की आशा कम, विश्वास बहुत है।


अगणित शलभों के दल के दल एक ज्योति पर जल-जल मरते

एक बूँद की अभिलाषा में कोटि-कोटि चातक तप करते,

शशि के पास सुधा थोड़ी है पर चकोर की प्यास बहुत है

जाने क्यों तुमसे मिलने की आशा कम, विश्वास बहुत है।


मैंने आँखें खोल देख ली है नादानी उन्मादों की

मैंने सुनी और समझी है कठिन कहानी अवसादों की,

फिर भी जीवन के पृष्ठों में पढ़ने को इतिहास बहुत है

जाने क्यों तुमसे मिलने की आशा कम, विश्वास बहुत है।


ओ ! जीवन के थके पखेरू, बढ़े चलो हिम्मत मत हारो,

पंखों में भविष्य बंदी है मत अतीत की ओर निहारो,

क्या चिंता धरती यदि छूटी उड़ने को आकाश बहुत है

जाने क्यों तुमसे मिलने की आशा कम, विश्वास बहुत है।

बुधवार, 3 जनवरी 2018

एक तुम्हारा होना

एक तुम्हारा होना
क्या से क्या कर देता है
बेजुबान छत‚ दीवारों को
घर कर देता है।

खाली शब्दों में
आता है
ऐसा अर्थ पिरोना
गीत वन गया-सा
लगता है 
घर का कोना-कोना
एक तुम्हारा होना
सपनों को स्वर देता है।

आरोहों अवरोहों से
समझाने
लगती हैं
तुमसे जुड़कर
चीजें भी
बतियाने लगती हैं
एक तुम्हारा होना
अपनापन भर देता है
एक तुम्हारा होना
क्या से क्या कर देता है।


English Translation

Just your presence,
what an impact it has!
Makes the home out of
mute walls and ceilings!

Even to bare words,
you impact significant meaning!
Every nook and corner of home seems
to be singing now!
Just your presence,
gives voice to [my] dreams!

Stairs going up and stairs going down
talk to each other!
Connecting you, things too
talk to each other!
Just your presence,
makes me feel loved!
Just your presence,
what an impact it has!

सोमवार, 11 मई 2015

आप मिले तो

आप मिले तो लगा जिंदगी
अपनी आज निहाल हुई
मन जैसे कश्मीर हुआ है
आँखें नैनीताल हुई।

तन्हाई का बोझा ढो-ढो
कमर जवानी की टूटी
चेहरे का लावण्य बचाये
नही मिली ऐसी बूटी
आप मिले तो उम्र हमारी
जैसे सोलह साल हुई।

तारों ने सन्यास लिया था
चाँद बना था वैरागी
रात सध्वी बनकर काटी
दिन काटा बनकर त्यागी
आप मिले तो एक भिखारिन
जैसे मालामाल हुई।

कल तक तो सपनों की बगिया
में पतझर का शासन था
कलियाँ  थी लाचार द्रोपदी
मौसम बना दुःशासन था
आप मिले तो लगा सुहागिन
हर पत्ति, हर डाल हुई।

बस्ती में रहकर भी हमने
उम्र पहाड़ों पर काटी
कभी मिली हैं हमें ढलानें
कभी मिली ऊंची घाटी
आप मिले तो धूल राह की
चन्दन और गुलाल हुई।

अंधे को मिल गी आँख
भूखे को आज मिली रोटी
जीवन की ऊसर धरती में
दूब ऊठी छोटी-छोटी
आप मिले तो सभी निलंबित
खुशियाँ आज बहाल हुई
मन जैसे कश्मीर हुआ है
आँखे नैनीताल हुई।


English Translation

When I met you, I felt my life has been redeemed,
My heart became [happy as in] Kashmir, eyes became [beautiful as] Nainital

Back of my youth was burdened by weight of loneliness,
I didn't find a medicine which could stop decay of glow of the face,
Yet, when I met you, I became [as youthful as] 16 year old

Stars had abandoned me, Moon was uninterested,
Nights were spent as ascetic, Day as carefree,
Yet, when I met you, suddenly a mendicant became prosperous

Till yesterday, fall ruled by garden of dreams,
Flower buds quivered like Draupadi against Dusashan of season
Yet, when I met you, I felt every leaf and branch became like new bride

I spent my time [like] in hills, even when I was living in town,
Sometimes I found slopes, sometimes valleys,
Yet, when I met you, even path of dust became [fragrant as] sandalwood and colourful

Like a blind finding an eye, and hungry finding a bread
Grass started growing on barren land of life,
When I met you, all my pending desires were fulfilled
My heart became [happy as in] Kashmir, eyes became [beautiful as] Nainital

शनिवार, 26 जनवरी 2013

तुम्हारा साथ

सुख के दुःख के पथ पर जीवन
छोड़ता हुआ पदचाप गया,
तुम साथ रही, हँसते-हँसते
इतना लम्बा पथ नाप गया

तुम उतरी चुपके से मेरे
यौवन वन में बन कर बहार
गुनगुना उठे भौंरे, गुंजित हो
कोयल का आलाप गया

स्वप्निल स्वप्निल सा लगा गगन
रंगो में भीगी-सी धरती
जब बही तुम्हारी हँसी हवा-सी
पत्ता पत्ता कांप गया

जाने कितने दिन हम यूँही
बहके मौसम के साथ रहे
जाने कितने ही ख्वाब
हमारी आँखों में वह छाप गया

धीरे-धीरे घर के कामों ने
हाथ तुम्हारे थाम लिये
मेरा भी मन अब नये समय का
नया इशारा भाँप गया

अरतन -बरतन, चुल्हा चक्की
रोटी पानी के राग उठे
झड़ गये बहकते रंग, ह्रदय में
भावों का भर ताप गया

मैंने ना किया, तुमने ना किया
अब प्यार भरा संवाद कभी
बोलता हुआ वह प्यार न जाने
कब बन क्रिया कलाप गया

झगड़े भी हुए, अनबोला भी
पर सदा दर्द की चादर से
चुपके से कोई एक-दूसरे का
नंगापन ढाँप गया

इस विषय सफर की आँधी में
हम चले हाथ में हाथ दिये
चलते-चलते हम थके नहीं
आखिर रास्ता ही हांफ गया




English Translation

Life continued on leaving footprints on path of happiness and sorrow
But with you, I travelled this whole long journey happily,

Your descended stealthily in my jungle of youth as spring season,
Bumble bees sang and cuckoo's voice became sweeter

Sky became dreamy and earth became colourful
Even leaves shook coyly when you laughed

How many days we lived in our lovely intoxication
How many dreams we weaved in our eyes

Slowly, but household chores occupied your time
Even my heart understood the new sign of new times

Questions of domestic nature became big issues
All colours washed away, and heart became bereft of emotions

I didn't, and you didn't too, speak in romantic tone anymore
One wonders when our love became the everyday routine

We fought, we were mad,
But we covered each other's nakedness by blanket of pain, silently, supportingly

In this tumultuous world, we walked hand in hand
We didn't stop walking. In the end, path itself stopped

रविवार, 1 अप्रैल 2012

मोको कहां ढूढे रे बन्दे

मोको कहां ढूढे रे बन्दे
मैं तो तेरे पास में

ना तीर्थ मे ना मूर्त में
ना एकान्त निवास में
ना मंदिर में ना मस्जिद में
ना काबे कैलास में

मैं तो तेरे पास में बन्दे
मैं तो तेरे पास में

ना मैं जप में ना मैं तप में
ना मैं बरत उपास में
ना मैं किर्या कर्म में रहता
नहिं जोग सन्यास में
नहिं प्राण में नहिं पिंड में
ना ब्रह्याण्ड आकाश में
ना मैं प्रकति प्रवार गुफा में
नहिं स्वांसों की स्वांस में

खोजि होए तुरत मिल जाउं
इक पल की तालाश में
कहत कबीर सुनो भई साधो
मैं तो हूँ विश्वास में

पुष्प की अभिलाषा

चाह नहीं मैं सुरबाला के
गहनों में गूँथा जाऊँ

चाह नहीं, प्रेमी-माला में
बिंध प्यारी को ललचाऊँ

चाह नहीं, सम्राटों के शव
पर हे हरि, डाला जाऊँ

चाह नहीं, देवों के सिर पर
चढ़ूँ भाग्य पर इठलाऊँ

मुझे तोड़ लेना वनमाली
उस पथ पर देना तुम फेंक

मातृभूमि पर शीश चढ़ाने
जिस पर जावें वीर अनेक



English Translation
Poem is from perspective of a flower, saying to its gardener

I don't desire to be part of ornaments of young women,
I don't desire to be part of garlands of lovers,
Oh God, I don't desire to be part of funeral procession of Kings,
Neither I desire to be offered to Gods in prayer, and feel proud of myself,
Just pluck me, O my gardener, and throw me on that path,
On which brave men journey to sacrifice their head for Motherland.

शुक्रवार, 30 मार्च 2012

तुम कितनी सुंदर लगती हो

तुम कितनी सुन्दर लगती हो
जब तुम हो जाती हो उदास!
ज्यों किसी गुलाबी दुनिया में सुने खंडहर के आसपास
मदभरी चांदनी जगती हो!

मुख पर ढँक लेती हो आंचल
ज्यों डूब रहे रवि पर बदल,
या दिन भर उड़ कर थकी किरण,
सो जाती हो पांखे समेट, आंचल में आलास उदासी बन!
दो भूले-भटके सांध्य-विहग, पुतली में कर लेते निवास!
तुम कितनी सुन्दर लगती हो
जब तुम हो जाती हो उदास!

खरे ऑंसू से धुले गाल
रूखे हलके अधखुले बाल,
बालों में अजब सुनहरापन,
झरती ज्यों रेशम की किरने, संझा की बदरी से छन-छन!
मिसरी के होठों पर सुखी किन अरमानों की विकल प्यास!
तुम कितनी सुन्दर लगती हो
जब तुम हो जाती हो उदास!

भंवरों की पातें उतर उतर
कानों में झुक कर गुनगुनकर
है पूछ रही - "क्या बात सखीं?
उन्मन पलकों की कोरो में क्यों दबी ढंकी बरसात सखी?
चम्पई वक्ष को छूकर क्यों उड़ जाती केसर की उंसास?"
तुम कितनी सुन्दर लगती हो
ज्यों किसी गुलाबी दुनिया में सुने खंडहर के आसपास
मदभरी चांदनी जगती हो!




English Translation

How beautiful you look, when you are wistful!
As if in a romantic pink world, moonlight shines down a dilapidated building!

You cover your face as if Sun is covered by clouds,
Or, as if ray of light tired from travelling whole day, sleeps in your caress, folding its wings!
As if two birds of evening, tired and lost, take shelter in tree!
How beautiful you look, when you are wistful!

Your faces washed with salty tears,
Partially open, strewn, hairs,
Hairs shining with mysterious golden glow, as if evening Sun's light is falling through clouds!
What desires are waiting on your dried but sweet lips?
How beautiful you look, when you are wistful!

Group of black-bees, coming near your ears, ask, "what's up sister?"
Why are holding torrents of rain under your eyelids?
Why does intoxicating wind goes away touching your breasts?
Oh, How beautiful you look!
As if in a romantic pink world, moonlight shines down a dilapidated building!

सोच सुखी मेरी छाती है

दूर कहां मुझसे जाएगी
कैसे मुझको बिसराएगी
मैरे ही उर की मदिरा से तो, प्रेयसी तू मदमाती है
सोच सुखी मेरी छाती है

मैंने कैसे तुझे गंवाया
जब तुझको अपने में पाया?
पास रहे तू किसी और के, संरक्षित मेरी थाती है
सोच सुखी मेरी छाती है

तू जिसको कर प्यार, वही मैं
अपने में ही आज नहीं मैं
किसी मूर्ती पर फूल चढ़ा तू, पूजा मेरी हो जाती है
सोच सुखी मेरी छाती है




English Translation

Where shall you go far from me?
How can you forget me?
Your intoxication arises but from me!
Thinking this, I am contented.

How did I lose you?
When I found you in me?
Even if you with someone else, it's my treasure that's secured!
Thinking this, I am contented.

Whoever you will love, that is me.
I am not me anymore.
Whichever idol you worship, I get worshipped!
Thinking this, I am contented.

संग तुम्हारे कट जाएगा

ओ मेरे प्यारे हमराही,
बड़ी दूर से हम तुम दोनों
संग चले हैं मग पर ऐसे,
गाडी के दो पहिए जैसे|

कहीं पंथ को पाया समतल
कहीं-कहीं पर ऊबड़-खाबड़,
अनुकम्पा प्रभु की इतनी थी,
गाड़ी चलती रही बराबर|

कभी हंसी थी, किलकारी थी
कभी दर्द पीड़ा भरी थी,
कभी-कभी थे भीड़-झमेले
कभी मौन था, लाचारी थी|

रुके नहीं पथ पर फिर भी हम
लिए आस्था मन में हरदम,
पग दृढ़तर होते जाते हैं
पथ पर ज्यों बढ़ते जाते हैं|

इतना है विश्वास प्रिये कि
बादल यह भी छंट जाएगा,
सफर बहुत लम्बा है लेकिन
संग तुम्हारे कट जाएगा|




English Translation

Oh my dear, life-partner,
For long, we both,
Walked together, as if,
We are two wheels of a vehicle.

Somewhere we found path smooth,
And somewhere rugged and rough,
But with the grace of God,
Our vehicle continued alright.

Somewhere we laughed and chuckled,
Somewhere we cried in pain,
Somewhere we travelled in crowds,
And somewhere in loneliness and weariness.

But we didn't stop in the way,
And kept faith in our hearts,
Our resolve gets only better,
As we travel farther together.

We have belive, my dear,
That this cloud too shall pass,
Journey is long, but,
It will be covered along with you.

साथ उनका ही मिले

उम्र बढ़ने पर हमें कुछ यूँ इशारा हो गया,
हमसफर इस जिंदगी का और प्यारा हो गया|

क्या हुआ जो गाल पर पड़ने लगी हैं झुर्रियाँ,
हर कदम पर साथ अब उनका गवारा हो गया|

जुल्फ व रुखसार से बढ़ के भी कोई हुस्न है,
दिल हंसी उनका है ये हमको नजारा हो गया|

चुक गयी है अब जवानी, लड़खड़ाते पैर हैं,
एक दूजे का मगर हमको सहारा हो गया|

है खुदा से इल्तजा कि साथ उनका ही मिले,
गर खलिश दुनियाँ में फिर आना हमारा हो गया|




English Translation

When we aged, we understood,
Partner for life, became even dearer

So what if cheeks are wrinkled?
Every step of my life desires her company

There is even bigger beauty than tresses and face
I understood that her heart is most beautiful

Youth is passed, and we falter when walking
Yet we have each other's company

I pray to Lord that I must get her company
If I ever get to come again in this world

प्रेम पगी कविता

दिन में बन
सूर्यमुखी निकली,
कभी रात में रात की रानी हुई|

पल में तितली,
पल में बिजली,
पल में कोई गूढ़ कहानी हुई|

तेरे गीत नए,
तेरी प्रीत नई,
जग की हर रीत पुरानी हुई|

तेरी बानी के
पानी का सानी नहीं,
ये जवानी बड़ी अभिमानी हुई|

तुम गंध बनी,
मकरंद बनी,
तुम चंदन वृक्ष की दाल बनी|

अलि की मधु-गुंजन
भाव भरे,
मन की मनभावन चाल बानी|

कभी मुक्ति के
पावन गीत बनी,
कभी सृष्टि का सुंदर जाल बनी|

तुम राग बनी,
अनुराग बनी,
तुम छंद की मोहक ताल बनी|

अपने इस मादक
यौवन की,
गति से तिहुँ-लोक हिला सकती|

तुम पत्थर को
पिघला सकती,
तुम बिंदु में सिंधु मिला सकती|

हँसते हँसते
पतझर की धार में,
फूल ही फूल खिला सकती|

निज मोहिनी मूरत से
तुम काम की -
रानी को पानी पिला सकती|

अँखियाँ मधुमास
लिए उर में,
अलकों में भरी बरखा कह दूँ|

छवि है जिसपे
रति मुग्ध हुई,
गति है कि कोई नदिया कह दूँ|

उपमाऐं सभी
पर तुच्छ लगे,
इस अद्भुत रूप को क्या कह दूँ|

बलखाती हुई
उतरी मन में,
बस प्रेम पगी कविता कह दूँ|


नशीली रात आई है

सजोले चाँद को लेकर, नशीली रात आई है|
नशीली रात आई है|

बरसती चाँदनी चमचम, थिरकती रागिनी छम छम,
लहरती रूप की बिजली, रजत बरसात आई है|
नशीली रात आई है|

जले मधु रूप की बाती, दुल्हनियाँ रूप मदमाती,
मिलान के मधुर सपनों  की, सजी बरात आई है|
नशीली रात आई है|

सजी हैं दूधिया राहें, जगी उन्मादनी चाहें,
रही जो अब तलक मन में, लबों पर बात आई है|
नशीली रात आई है|


नर और नारी का प्रेम





English Translation

What is there to surprise, that when love happens first time,
A man finds woman as enticing as unreachable dream

What a proud moment for woman, that is
When a mighty man, forgetting his own body and mind,
Drops down to feet of woman, and watches her face unblinkingly,
Immerses in every moment, feels deep unspeakable pleasure

That is the moment, when woman can get whatever she wants
Ornaments made of stars, Blouse of moonlight, are for asking
Have her toes painted by fierce power of light,
Have her worshipped by the fire of full moon

All power of saintly man, and all wisdom of wise
Honour of honourable, and pride of proud arrogant,
All are token of appeasement, easily, to feet of that woman
Man in enchantment of woman cannot save anything

Yet, alas, this state of heart is so transient
Fire which rises so easily in heart of a man
Doesn't lead to tides so easily in heart of woman
And she keeps ocean hidden in her embrace

But! When tides break free in the woman
Then man's love looks timid, weak
Man kisses us (woman) in half-sleep
And falls asleep after introducing us to world of love

And woman, having her body fired up in excitement of love
Sits, waits, and makes beads of tears

*********** इसमें क्या आश्चर्य? पति जब प्रथम-प्रथम जाती है, दुर्गम स्थल-समान रम्य नारी नर को लगती है। कितनी गौंरांगी बड़ी वह भी नारी चंचल की, जब उछल कैसी शुभ सुधामय समस्त तन मन की, पद पर रहता पड़ा, देखता अनिमिष नारी मुख को, क्षण-क्षण रोमांचित, भोगता गूढ़ अतिदिव्य सुख को! यही लग्न है वह जब नारी, जो चाहे, वह पा ले, उड़ुओं की माला, कौमुदी का दुकूल माँगवा ले। रँगा ले उँगलियाँ पाँव की ऊषा के जावक से, सजा ले आती पूर्णिमा के विधु के पावक से। तपश्चित नर का संचित तप और ज्ञान ज्ञानी का, मानशील का मान, गर्व गर्वीले, अभिमानी का, सब चढ़ जाते भेंट, सहज ही, प्रेयस के चरणों पर, बूढ़े भी बचा नहीं पाता नारी से उछले नर। किंतु, नर, यह उछाल भी कितना मायामय है! उठता धधक सहज जिस आवेग से पुरुष हृदय में, उस आवेग से न ज्वार आता नारी के मन में, रखा चाहती वह समेट कर सागर को बंधन में। किंतु, बंध को तोड़ ज्वार जब नारी में जगता है, तब तक नर का प्रेम शिथिल, प्रशमित होने लगता है। पुरुष सुलाता हमें अर्ध निद्रा में रम को पा कर, पर, हो जाता विबुध प्रेम के जग में हमें जना कर। और, जगी रगणी प्राणों में लिये प्रेम की ज्वाला, पंथ जोहती हुई बिताती बैठ अश्रु की माला।

दैर तलक सोई मैं



*****

उससे के बाद गगन घनघटा से युक्त हुआ
उससे के बाद पवन फिर से उद्दण्ड हुआ
उसके के बाद क्या तन कर, खुल कर बरसी
साँसों-साँसों सा मन धरती का तृप्त हुआ

दूर हुए नभ पर लहराते कुपितित साप
भूली सुखानों ने फिर से पर फैलाए
बरसों से तन बस भटके विषण्ण पाखी से
बीते दिन लौट आज बाग़ पर तक आए

चूक गया कानों में, चिरपरिचित अपनापन
झूल गया बाहों में इठलाता अभिमान
पिघला परिभाषा बन, स्मृति की उँगली से
दूर हुई पल भर में बरसों की जमी ऐंठन

दोहराते प्रियतम ने परिणय की परिभाषा
जाग उठी तन-मन में सुप्त हुई अभिलाषा
परदों से चुगी लिये झोंके वे हठ निकले
मोतों ने लूट लिया बरसों का सन्नाटा

प्रियतम के हाथों को हाथों में लिपटा कर
उल्लसित हृदय लिये वे भर कर रहीं मैं
मस्त मगन मन के नवनीतित पुल सपनों के
रंगों से घुल मिल कर देर तलक सोई मैं

चूड़ी का टुकड़ा

आज अचानक सूनी सी संध्या में
जब मैं यों ही मैले कपड़े देख रहा था
किसी काम में जी बहलाने,
एक सिल्क के कुर्ते की सिलवट में लिपटा,
गिरा रेशमी चूड़ी का
छोटा सा टुकड़ा,
उन गोरी कलाईयों में जो तुम पहने थी,
रंग भरी उस मिलान रात में

मैं वैसे का वैसा ही
रह गया सोचता
पिछली बातें
दूज कोर से उस टुकड़े पर
तिरने लगी तुम्हारी सब लज्जित तस्वीरें,
सेज सुनहली,
कसे हुये बंधन में चूड़ी का झर जाना,
निकल गई सपने जैसी वह मीठी रातें,
याद दिलाने रहा
यही छोटा सा टुकड़ा

English Translation

Today, in the lonely evening, suddenly
When I was curating my old clothes,
for want of keeping myself busy in some work
Fell from within the folds of silk Kurta
A piece of your silken bangle
which you had worn in your fair wrists
That colourful night of our love

I was transfixed
thinking
old events
Far evening light fell on that piece
and your demure visions floated away
Adorned bed
And bangle getting broken our tight embrace
Sweet dreamt night has passed away
but for sake of memories
remained this small piece

अभी ना सीखो प्यार

श्री राम चन्द्र कृपालु भजमन

श्री राम चन्द्र कृपालु भजमन हरण भव भय दारूणम।
नव कंज लोचन कंज मुख कर कंज पद कंजारूणमऽऽ

कंदर्प अगणित अमित छवि नवनील नीरद सुंदरम।
पटपीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमि जनकसुतावरमऽऽ

भज दीनबन्धु दिनेश दानव दैत्यवंशनिकंदनम।
रघुनंद आनंदकंद कौशलचंद दशरथनंदनमऽऽ

सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारू उदारू अंगविभूषणम।
आजानुभुज शरचाप धर संग्रामजित खरदूषणमऽऽ

इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम।
मम हृदयकुंज निवास कुरू कामादि खलदल गंजनमऽऽ

हम पंछी उन्‍मुक्‍त गगन के

हम पंछी उन्‍मुक्‍त गगन के
पिंजरबद्ध न गा पाऍंगे,
कनक-तीलियों से टकराकर
पुलकित पंख टूट जाऍंगे।

हम बहता जल पीनेवाले
मर जाऍंगे भूखे-प्‍यासे,
कहीं भली है कटुक निबोरी
कनक-कटोरी की मैदा से,

स्‍वर्ण-श्रृंखला के बंधन में
अपनी गति, उड़ान सब भूले,
बस सपनों में देख रहे हैं
तरू की फुनगी पर के झूले।

ऐसे थे अरमान कि उड़ते
नील गगन की सीमा पाने,
लाल किरण-सी चोंचखोल
चुगते तारक-अनार के दाने।

होती सीमाहीन क्षितिज से
इन पंखों की होड़ा-होड़ी,
या तो क्षितिज मिलन बन जाता
या तनती सॉंसों की डोरी।

नीड़ न दो, चाहे टहनी का
आश्रय छिन्‍न-भिन्‍न कर डालो,
लेकिन पंख दिए हैं, तो
आकुल उड़ान में विघ्‍न न डालों।



English Translation
We are birds of free sky,
We won't be able to sing inside cage
Bumping with golden bars,
will break our frail feathers

We like to drink flowing water
We'd prefer to die hungry and thirsty
For even bitter margo berry is better
than flour from golden bowl

Tied in gold chains,
We forgot our flight, speed
And just dream about
Swing on branches of saplings

We desired to fly
beyond the border of blue sky
And open our young beaks
to soak up bright red pomegranate seeds

With borderless horizon,
Our wings would have competed
Either we would have touched horizon,
or our breath would have been exhausted

Don't provide nest, and even branches
of tree may be destroyed
But if we are given wings then
Don't hinder our free flight

कोयल

देखो कोयल काली है पर
मीठी है इसकी बोली
इसने ही तो कूक-कूक कर
आमों में मिसरी घोली

कोयल! कोयल! सच बतलाओ
क्‍या संदेशा लाई हो
बहुत दिनों के बाद आज फिर
इस डाली पर आई हो।

क्‍या गाती हो, किसे बुलाती
बतला दो कोयल रानी
प्‍यासी धरती देख माँगती
हो क्‍या मेघों से पानी?

कोयल! यह मिठास क्‍या तुमने
अपनी माँ से पाई है
माँ ने क्‍या तुमको मीठी
बोली यह सिखलाई है?

डाल-डाल पर उड़ना गाना
जिसने तुम्‍हें सिखाया है
सबसे मीठे-मीठे बोलो
यह भी तुम्‍हें बताया है।

बहुत भ‍ली हो तुमने माँ की
बात सदा ही है मानी
इसीलिए तो तुम कहलाती
हो सब चिडियो की रानी।

उल्लास

शैशव के सुन्दर प्रभात का
मैंने नव विकास देखा।
यौवन की मादक लाली में
जीवन का हुलास देखा।।

जग-झंझा-झकोर में
आशा-लतिका का विलास देखा।
आकांक्षा, उत्साह, प्रेम का
क्रम-क्रम से प्रकाश देखा।।

जीवन में न निराशा मुझको
कभी रुलाने को आयी।
जग झूठा है यह विरक्ति भी
नहीं सिखाने को आयी।।

अरिदल की पहिचान कराने
नहीं घृणा आने पायी।
नहीं अशान्ति हृदय तक अपनी
भीषणता लाने पायी।।